حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ الْمِصْرِيُّ، حَدَّثَنَا اللَّيْثُ بْنُ سَعْدٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَمَرَ بِزَكَاةِ الْفِطْرِ صَاعًا مِنْ تَمْرٍ أَوْ صَاعًا مِنْ شَعِيرٍ . قَالَ عَبْدُ اللَّهِ فَجَعَلَ النَّاسُ عِدْلَهُ مُدَّيْنِ مِنْ حِنْطَةٍ .
मुहम्मद बिन रुम्ह अल-मसरी ने हमें बताया, अल-लेथ बिन साद ने हमें, नफ़ी के अधिकार पर, इब्न उमर के अधिकार पर, बताया कि ईश्वर के दूत - भगवान उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें शांति प्रदान करें - ज़कात अल-फितर का आदेश खजूर का एक सा या जौ का एक सा है। अब्दुल्ला ने कहा, तो लोगों ने उस पर गेहूँ के दो कर्ज़ बराबर कर दिये।