قال: مر النبي صلى الله عليه وسلم ذات يوم بنخلة ملقاة في الطريق. فقال (عليه السلام) حينئذ: لو لم يكن في هذا التمر زكاة أو صدقة لالتقطته وأكلته. (البخاري، مسلم) [1]
उन्होंने कहा: एक दिन पैगंबर, भगवान उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें शांति प्रदान करें, सड़क पर पड़े एक ताड़ के पेड़ के पास से गुजरे। फिर आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने कहाः यदि इन तारीखों पर जकात या सदका न होता तो मैं इन्हें उठाकर खा लेता। (बुख़ारी, मुस्लिम) [1]
Anas (RA) — Mishkatul Masabih #1822 (Sahih)