Dua

Daily Dua — Apr 20

S SehriTime April 20, 2026 1 min read ۱۲ ویوز
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، وَعَمْرٌو النَّاقِدُ، وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، قَالُوا حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لَوْلاَ أَنْ أَشُقَّ عَلَى الْمُؤْمِنِينَ - وَفِي حَدِيثِ زُهَيْرٍ عَلَى أُمَّتِي - لأَمَرْتُهُمْ بِالسِّوَاكِ عِنْدَ كُلِّ صَلاَةٍ ‏"‏ ‏.‏

अब्दुल्लाह बिन मसूद से रिवायत है कि उन्होंने कहा, "मैंने अल्लाह के रसूल (ﷺ) से पूछा कि सबसे उत्तम कर्म कौन सा है? उन्होंने (पैगंबर) जवाब दिया: नियत समय पर नमाज़ पढ़ना।" मैंने (फिर) पूछा: फिर क्या? उन्होंने (पैगंबर) जवाब दिया: माता-पिता के प्रति दयालुता। मैंने (फिर) पूछा: फिर क्या? उन्होंने जवाब दिया: अल्लाह के मार्ग में दृढ़ निश्चय (जिहाद) करना। और मैं उनके आदर के कारण और भी प्रश्न पूछता रहता।"

Abu Huraira reported — Sahih Muslim #252 (Sahih)

पूरी हदीस पढ़ें →

#dua #supplication #daily dua #islam