Hadith

Did You Know? — Sahih Al-Bukhari #7312

S Sehri.bd April 29, 2026 1 min read ۳۹ ویوز
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنْ يُونُسَ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، أَخْبَرَنِي حُمَيْدٌ، قَالَ سَمِعْتُ مُعَاوِيَةَ بْنَ أَبِي سُفْيَانَ، يَخْطُبُ قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ مَنْ يُرِدِ اللَّهُ بِهِ خَيْرًا يُفَقِّهْهُ فِي الدِّينِ، وَإِنَّمَا أَنَا قَاسِمٌ وَيُعْطِي اللَّهُ، وَلَنْ يَزَالَ أَمْرُ هَذِهِ الأُمَّةِ مُسْتَقِيمًا حَتَّى تَقُومَ السَّاعَةُ، أَوْ حَتَّى يَأْتِيَ أَمْرُ اللَّهِ ‏"‏‏.‏

मैंने मुआविया बिन अबी सुफयान को उपदेश देते हुए सुना। उन्होंने कहा, “मैंने पैगंबर (ﷺ) को यह कहते हुए सुना, “यदि अल्लाह किसी पर कृपा करना चाहता है, तो वह उसे कुरान और सुन्नत को समझने का वरदान देता है। मैं तो केवल वितरक हूँ, और अल्लाह ही दाता है। इस राष्ट्र की स्थिति क़यामत तक अच्छी बनी रहेगी, या अल्लाह का हुक्म आने तक।”

Humaid — Sahih Al-Bukhari #7312 (Sahih)

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