Hadith

इस्लाम में रोज़ा के बारे में 7 प्रामाणिक हदीस

S Sehri.bd September 8, 2026 1 min read १५३ व्यूज

रोज़ा — 7 hadith.

1. Musnad Ahmad #Ahmad 7904

مَنْ فَطَّرَ صَائِمًا فِي رَمَضَانَ مِنْ كَسْبٍ حَلَالٍ صَلَّتْ عَلَيْهِ الْمَلَائِكَةُ

जो कोई भी रोज़ा रखने वाले व्यक्ति को भोजन कराता है, रमज़ान के दौरान फ़रिश्ते उस पर आशीर्वाद भेजते हैं, और क़द्र की रात को जिब्रील उस पर आशीर्वाद भेजते हैं।

Abu Hurairah (RA) — Musnad Ahmad #Ahmad 7904 (Hasan)

पूरी हदीस पढ़ें →

2. Musnad Ahmad #Ahmad 9789

لَا تَزَالُ أُمَّتِي بِخَيْرٍ مَا عَجَّلُوا الْإِفْطَارَ وَأَخَّرُوا السَّحُورَ

जब तक वे रोज़ा तोड़ने में जल्दी करते रहेंगे और सुहूर में देरी करते रहेंगे, तब तक मेरी उम्मत नेकी के रास्ते पर चलती रहेगी।

Abu Hurairah (RA) — Musnad Ahmad #Ahmad 9789 (Sahih)

पूरी हदीस पढ़ें →

3. Sunan an-Nasa'i #2159

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ خَيْثَمَةَ، عَنْ أَبِي عَطِيَّةَ، قَالَ قُلْتُ لِعَائِشَةَ فِينَا رَجُلاَنِ أَحَدُهُمَا يُعَجِّلُ الإِفْطَارَ وَيُؤَخِّرُ السُّحُورَ وَالآخَرُ يُؤَخِّرُ الْفِطْرَ وَيُعَجِّلُ السُّحُورَ ‏.‏ قَالَتْ أَيُّهُمَا الَّذِي يُعَجِّلُ الإِفْطَارَ وَيُؤَخِّرُ السُّحُورَ قُلْتُ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْعُودٍ ‏.‏ قَالَتْ هَكَذَا كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَصْنَعُ ‏.‏

मुहम्मद बिन बशर ने हमें बताया, उन्होंने कहा, अब्दुल रहमान ने हमें बताया, उन्होंने कहा, सुफियान ने हमें बताया, अल-अहमश के अधिकार पर, ख़ैथम के अधिकार पर, अबू अतिया के अधिकार पर, उन्होंने कहा, मैंने कहा कि आयशा के पास हमारे बीच दो आदमी हैं, उनमें से एक रोज़ा तोड़ने में देरी करता है और सुहूर में देरी करता है, और दूसरा रोज़ा तोड़ने में देरी करता है और सुहूर में देरी करता है। उसने कहा: उनमें से कौन रोज़ा तोड़ने में जल्दी करता है और सुहूर भोजन में देरी करता है? मैंने कहा: अब्दुल्ला बिन मसूद। उसने कहा:

It was narrated that Abu 'Atiyyah said — Sunan an-Nasa'i #2159 (Sahih)

पूरी हदीस पढ़ें →

4. Jami' at-Tirmidhi #1684

حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ مُوسَى، أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، أَنْبَأَنَا سَعِيدُ بْنُ عَبْدِ الْعَزِيزِ، عَنْ عَطِيَّةَ بْنِ قَيْسٍ، عَنْ قَزَعَةَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ لَمَّا بَلَغَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم عَامَ الْفَتْحِ مَرَّ الظَّهْرَانِ فَآذَنَنَا بِلِقَاءِ الْعَدُوِّ فَأَمَرَنَا بِالْفِطْرِ فَأَفْطَرْنَا أَجْمَعُونَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنْ عُمَرَ ‏.‏

अहमद बिन मुहम्मद बिन मूसा ने हमें बताया, अब्दुल्ला बिन अल-मुबारक ने हमें बताया, सईद बिन अब्दुल अजीज ने हमें बताया, अतिया बिन क़ैस के अधिकार पर, कज़ाह के अधिकार पर, अबू सईद अल-खुदरी के अधिकार पर, उन्होंने कहा, जब पैगंबर, भगवान की प्रार्थना और शांति उन पर हो, विजय के वर्ष तक पहुंच गए, धहरान पास से गुजरा और दुश्मन के साथ बैठक की घोषणा की। इसलिए उसने हमें उपवास तोड़ने का आदेश दिया और हम सभी ने उपवास तोड़ दिया। अबू इस्सा ने कहा: यह एक अच्छी और प्रामाणिक हदीस है। उमर के विषय पर.

Abu Sa’id Al Khudri — Jami' at-Tirmidhi #1684 (Sahih)

पूरी हदीस पढ़ें →

5. Hadis Sambhar #1045

قال: كان رسول الله صلى الله عليه وسلم أكثر الناس صدقة، وكان إذا لقيه جبريل في شهر رمضان أكثر رحمة. جبريل ماه في كل يوم من رمضان

उन्होंने कहा: ईश्वर के दूत, ईश्वर उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें शांति प्रदान करें, सबसे परोपकारी व्यक्ति थे, और जब गैब्रियल उनसे रमज़ान के महीने में मिले, तो वह सबसे दयालु थे। रमज़ान के हर दिन गैब्रियल माहा

Ibn Abbas (RA) — Hadis Sambhar #1045 (Sahih)

पूरी हदीस पढ़ें →

6. Sahih Al-Bukhari #6553

قَالَ أَبُو حَازِمٍ فَحَدَّثْتُ بِهِ النُّعْمَانَ بْنَ أَبِي عَيَّاشٍ، فَقَالَ حَدَّثَنِي أَبُو سَعِيدٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّ فِي الْجَنَّةِ لَشَجَرَةً يَسِيرُ الرَّاكِبُ الْجَوَادَ الْمُضَمَّرَ السَّرِيعَ مِائَةَ عَامٍ، مَا يَقْطَعُهَا ‏"‏‏.‏

पैगंबर (ﷺ) ने फरमाया: जन्नत में एक ऐसा विशाल वृक्ष है कि एक उपवास रखने वाला (या प्रशिक्षित) घुड़सवार सौ साल तक सफर कर सकता है, लेकिन उसे पार नहीं कर पाएगा।

Abu Sa'id — Sahih Al-Bukhari #6553 (Sahih)

पूरी हदीस पढ़ें →

7. Sahih Al-Bukhari #4506

حَدَّثَنَا عَيَّاشُ بْنُ الْوَلِيدِ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الأَعْلَى، حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ ـ رضى الله عنهما ـ أَنَّهُ قَرَأَ ‏{‏فِدْيَةٌ طَعَامُ مَسَاكِينَ‏}‏ قَالَ هِيَ مَنْسُوخَةٌ‏.‏

Ibn `Umar recited: "वे एक विकल्प था, या तो उपवास या हर दिन के लिए एक गरीब फ़ीड।" और कहा, "इस Verse abrogated है।

Nafi' — Sahih Al-Bukhari #4506 (Sahih)

पूरी हदीस पढ़ें →

मुख्य बातें

और जानना चाहते हैं? हदीस संग्रह | हदीस खोजें

#fasting #hadith #islam